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Sunday, December 30, 2012

"खुदगर्ज मीडिया"

"खुदगर्ज मीडिया"

सिसकी बिटिया निर्बल दिल्ली की
'इंडिया' में चीखें हैं गूंजी
सारे हिन्दुस्तान की अबला
चीख रही पर गूंगी गूंगी ।।

सिसकी तक का मोल लगा है
बनिया आंसू तौल रहा है
जिसकी जितनी सुनी जाएगी
उसकी उतनी बोल रहा है ।
पत्रकार की क्या है गलती
बुद्धिजीव वह सदा रहा है
ह्रदय मरा पर बुद्धि जीव है
कान में फ़िल्टर सो बहरा है ।
दिल्ली में मौसम शांत चाहिए
हलकी बारिश भी भारी है
बाकी हिन्दुस्तान की गलियां
खुद सूखेंगी सीली सीली ।
सारे हिन्दुस्तान में अबला
चीख रही है गूंगी गूंगी ।।

'प्रदीप'
30/12/2012

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